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Current Affairs :- 18-February-2017
ISRO successfully tests largest cryogenic engine for GSLV Mark III rocket

Indian Space Research Organisation (ISRO) has successfully ground tested India’s largest indigenously developed Cryogenic Upper Stage engine for GSLV Mark III. It was tested for full 10 minutes at ISRO’s Liquid Propulsion Complex (ILPC) at Mahendragiri in Tirunelveli district of Tamil Nadu.The C25 stage is the most powerful upper stage so far developed by ISRO. It uses Liquid Oxygen and Liquid Hydrogen propellant combination stored at minus 253 degrees centigrade. The development of C25 cryogenic stage will provide ISRO capability to launch 4 ton class satellites in Geosynchronous Transfer Orbit (GTO), an altitude where satellites revolve in sync with Earth’s rotation. So far, the cryogenic engine consisting very complex technology has been developed only by Russia, US, France, China, Japan and India.

Indian Coast Guard Ship ICGS AYUSH commissioned

Indian Coast Guard Ship ICGS AYUSH was commissioned at Kochi, Kerala by Vice Admiral AR Karwe, Flag Officer Commanding-in- Chief, Southern Naval Command. ICGS AYUSH is the 20th and the last in the series of 20 Fast Patrol Vessels (FPVs) built by Cochin Shipyard Ltd.ICGS AYUSH is fitted with state-of- the-art navigational and communication equipment including Integrated Bridge System (IBS) and Machinery Control System (MCS). The ship is capable of undertaking multifarious tasks such as surveillance, interdiction, search and rescue, anti-smuggling and medical evacuation. It will also play a secondary role of providing a communication link and escort coastal conveys in times of war.

Indian Navy’s INSV Tarini inducted

Indian Navy’s second ocean-going sailboat INSV Tarini was inducted at the INS Mandovi Boat Pool on Saturday in Goa. INSV Tarini is a sloop built by Divar-based Aquarius Shipyard. It is slated to be the platform for the Indian Navy’s first Indian all-women circumnavigation of the globe expedition.INSV (Indian Naval Sailing Vessel) Tarini has been built to a stock design called called Tonga 56 by Van de Stadt, the Netherlands. It carries a suite of six sails, including a main sail, head sails (Genoa and stay sails), downwind sails and storm sail. Its mast is 25 metres and has been custom-built by M/s Southern Spars, Cape Town (South Africa), for sailing in extreme conditions. It has Raymarine navigation suite and an array of satellite communication systems on board through which contact can be made from anywhere.

Scientists develop high-quality graphene from soybean

Scientists from Australia’s Commonwealth Scientific and Industrial Research Organisation (CSIRO) have made world’s strongest material graphene commercially more viable by using soybean. They have developed a novel “GraphAir technology” which transforms soybean oil, a renewable, natural material into graphene films in a single step. Background Earlier, graphene was produced in a highly-controlled environment with explosive compressed gases that required long hours of operation at high temperatures and extensive vacuum processing. This production process was costly and was major roadblock in its commercialisation.Earlier, graphene was produced in a highly-controlled environment with explosive compressed gases that required long hours of operation at high temperatures and extensive vacuum processing. This production process was costly and was major roadblock in its commercialisation.

Maharashtra Government approves cloud seeding project for 2017 monsoon

Maharashtra Government has approved Rs. 250 crore Cloud Seeding Programme during 2017 monsoon season to produce sufficient rain. Under this programme, weather scientists using aircrafts will spray chemicals (silver iodide) over clouds clouds hovering above Solapur district, a rain shadow region of Western Ghats in the state.This will be the first controlled experiment to quantify the extent to which clouds form water drops large enough to make rain. This programme, coordinated by the Indian Institute of Tropical Meteorology, will be the first controlled experiment to quantify the extent to which clouds form water drops large enough to make rain. In this experiment, scientists will fly two aircraft and spray silver iodide and dry ice on 100 clouds and compare them with 100 unseeded clouds. Ground radar will be used to track the clouds and verify which ones contributed rain.

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करेंट अफेयर्स :- 18-February-2017
दक्षिण एशियाई देशों के लोकसभा अध्यक्षों का शिखर सम्मेलन इंदौर में शुरू होगा:

दक्षिण एशियाई देशों (सार्क) के लोकसभा अध्यक्षों का दो दिनी शिखर सम्मेलन मध्य प्रदेश के इंदौर में होगा। इसका उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन करेंगी। सम्मेलन में लोकसभा उपाध्यक्ष डॉ. एम्तंबिदुरै, अंतर संसदीय संघ के अध्यक्ष साबिर चौधरी, अफगानिस्तान की नेशनल असेंबली के स्पीकर अब्दुल रऊफ इब्राहिमी, बांग्लादेश संसद की स्पीकर डॉ. शिरीन शर्मिन चौधरी, भूटान की नेशनल असेंबली के स्पीकर जिग्मे जांग्पो व नेशनल काउंसिल के डिप्टी चेयरपर्सन शेरिंग दोरजी, श्रीलंका संसद के स्पीकर कारू जयसूर्या, मालदीव की संसद के स्पीकर अब्दुल्ला मसीह मोहम्मद, नेपाल संसद की अध्यक्ष ओनसारी घरती और इन देशों के संसद सदस्य शामिल होंगे। सम्मेलन में दक्षिण एशिया में सतत विकास लक्ष्यों के कार्यान्वयन के लिए संसाधनों का पता लगाना, संसदीय सहयोग के अवसर विषय पर पूर्ण सत्र होगा। सतत विकास के रूप में महिला-पुरुष अनुपात का संतुलन बनाने और सतत विकास की नीतियों के महिलाओं पर सकारात्मक प्रभाव पर भी चर्चा की जाएगी। जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं की चुनौती के साथ प्रभावी ढंग से निपटने, क्षेत्रीय संसदीय सहयोग के अवसर विषय पर आयोजित कार्य सत्र में चर्चा की जाएगी कि इस क्षेत्र की संसदें जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं की चुनौतियों का सामना करने के लिए किस प्रकार सहयोग और संसाधनों का आदान-प्रदान कर सकती हैं। 19 फरवरी को 'इंदौर घोषणा' स्वीकार किए जाने का प्रस्ताव है। सम्मेलन के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। सम्मेलन के बाद अतिथि 20 फरवरी को मांडू का दौरा करेंगे।

मिल बांचे कार्यक्रम मध्य प्रदेश में शुरू हुआ:

प्रदेशभर के प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में बच्चों के प्रोत्साहन के लिए 18 फरवरी 2017 को ‘मिल बांचे मध्यप्रदेश’ का आयोजन होने जा रहा है।  इस कार्यक्रम में इच्छुक व्यक्ति प्रदेश की शासकीय प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं में जाकर बच्चों को पाठ्य-पुस्तकों के साथ ही अन्य रुचिकर पुस्तकें भी पढ़ने के लिए प्रेरित करेंगे। स्वयं हिन्दी की कोई पुस्तक के किसी अंश का वाचन करेंगे साथ ही बच्चों से भी किसी रुचिकर अंश का वाचन करवायेंगे। वाचन के बाद बच्चों के साथ शैक्षिक संवाद का कार्यक्रम भी होगा। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान, मंत्रिपरिषद के सदस्य विभिन्न जन-प्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी तथा अन्य प्रबुद्ध व्यक्तियों के साथ ही बड़ी संख्या में युवा भी कार्यक्रम में सहभागिता के लिये सामने आये हैं। प्रदेश के खेल जगत से जुड़े नामचीन खिलाड़ियों के द्वारा भी कार्यक्रम के लिए पंजीयन कराया जा रहा है।

लता मंगेशकर को लेजन्डरी अवार्ड मिला:

स्वर साम्राज्ञी लता मंगेशकर को ‘ब्रांड लॉरिअट’ की ओर से ‘लेजन्डरी अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है। ब्रांड लॉरिअट अवार्ड विश्व स्तरीय उपलब्धि हासिल करने वाले व्यक्तियों और कंपनियों को दिया जाता है। उल्लेखनीय है कि भारतीय सिनेमा में योगदान के लिए 2012 में शाहरुख खान को ब्रांड लॉरिअट लेजेन्डरी अवार्ड से नवाजा गया था। इससे पहले दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला, नोबल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस, भारतीय कारोबारी रतन टाटा, एप्पल के दिवंगत सह संस्थापक स्टीव जॉब्स, फेसबुक के मुख्य कार्यकारी मार्क जुकरबर्ग और फार्मूला-वन विजेता माइकल शूमाकर को ब्रांड लॉरिअट लेजेन्डरी अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है।

सर्वोच्च न्यायालय ने मध्यम आय समूह के लिए योजना लागू की:

मध्यम और गरीब आय वर्ग के लोगों के लिए देश की कानूनी सहायता लेना आसान हो गया है। इस संबंध में सर्वोच्च न्यायालय ने मध्यम आय समूह के लिए जो योजना लागू की है, उसके तहत 60,000 रुपये प्रति महीने और 7,50,000 रुपये वार्षिक आय से कम आय वालों को कानूनी सहायता दी जाएगी। सोसायटी पंजीकरण अधिनियम 1860 (2) के अंतर्गत सोसायटी के प्रबंधन का दायित्व शासी निकाय (गवर्निंग बॉडी) के सदस्यों को दिया गया है। शासी निकाय में भारत के प्रधान न्यायाधीश संरक्षक होंगे और अटॉर्नी जनरल पदेन उपाध्यक्ष होंगे। सलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया मानद सदस्य होंगे और सर्वोच्च न्यायालय के अन्य वरिष्ठ अधिवक्ता सदस्य होंगे। न्यायालय के समक्ष याचिका केवल ऐडवोकेट ऑन रिकॉर्ड के जरिये दाखिल की जा सकती है। सेवा शुल्क के रूप में मध्य आय समूह कानूनी सहायता सोसायटी (एससीएमआईजीएलएएस) को 500 रुपये का भुगतान करना होगा। आवेदक को सचिव द्वारा बताई गई फीस जमा करानी होगी। यह योजना में संलग्न अनुसूची के आधार पर होगी। एमआईजी कानूनी सहायता के अंतर्गत सचिव याचिका दर्ज करेंगे। यदि ऐडवोकेट ऑन रिकॉर्ड इस बात से संतुष्ट होंगे कि यह याचिका आगे की सुनवाई के लिए उचित है, तो सोसायटी आवेदक के कानूनी सहायता अधिकार पर विचार करेगी।

मंगल पर 2117 तक पहली बस्ती बसाएगा संयुक्त अरब अमीरात:

संयुक्त अरब अमीरात ने प्रदूषण रहित मसदर हाई टेक शहर के बाद मंगल की ओर रुख करने की योजना बनाई है। मसदर शहर पूरी तरह प्रदूषणमुक्त है। अब यूएई ने मंगल ग्रह पर साल 2117 तक पहला शहर बसाने की योजना पेश की है। अगले कुछ दशकों में वह लोगों को इस लाल ग्रह की सैर भी कराना चाहता है। यूएई के उप राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री तथा दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मख्तूम और अबू धाबी के शहजादे एवं यूएई के उप सुप्रीम कमांडर शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने 100 साल की इस राष्ट्रीय परियोजना के बारे में ऐलान किया। यूएई की सरकार इस महत्वाकांक्षी परियोजना में विशेषज्ञ अंतरराष्ट्रीय संगठनों और वैज्ञानिक संस्थानों का सहयोग लेगी। इस अमीर खाड़ी देश ने राष्ट्रीय कैडर तैयार करने की योजना बनाई है जो अगले कुछ दशकों में लोगों को मंगल पर ले जाने में वैज्ञानिक सफलता हासिल कर सकते हैं। दुबई में विश्व सरकार शिखर सम्मेलन से इतर इस महत्वपूर्ण परियोजना का ऐलान किया गया। इस सम्मेलन में 138 सरकारों, छह प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संगठनों तथा प्रौद्योगिकी कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद थे। शेख मोहम्मद बिन राशिद ने कहा, दूसरे ग्रहों पर कदम रखना इंसानों का पुराना ख्वाब रहा है। हमारा मकसद यह है कि यूएई इस ख्वाब को हकीकत में बदलने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को मजबूती दे।

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