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Current Affairs :- 08-February-2017
Iran Lifts Ban On American Wrestling Team

Iran has lifted a ban on U.S. wrestlers, allowing them to take part in the Freestyle World Cup later this month in the Iranian city of Kermanshah. The wrestlers were originally banned on 4th February from the February 16-17 competition after America President Donald Trump temporarily suspended travel from seven Muslim majority countries, including Iran.

Arunachal Pradesh becomes first NE State to implement e-Cabinet Solution

Arunachal Pradesh became the first state in the northeast to implement e-Cabinet solution for the state cabinet members. It is a powerful governance tool that will be used to streamline its decision-making process. Using this system, state cabinet members can access the cabinet notes before the meeting.The e-Cabinet system is being implemented by the state department of Information Technology and Communication. Entire business of the Cabinet can be conducted using the e-Cabinet solution. It will help ministers prepare for cabinet meetings, conduct them and review minutes, entirely without paper. The e-Cabinet solution will provide remote access to the ministers to view Cabinet notes and at the same it will be circulated in advance for proper analysis and feedback. The system has a multi-user secure solution that keeps relevant information organised and updated in real time, giving a clear overview of each item under discussion to ministers.

Researchers develop battery powered by stomach acid

Researchers from MIT have developed a small battery that runs on stomach acids and is capable of powering e-pills to monitor patient health. The small system can generate enough power to run small sensors or drug delivery devices that can reside in the gastrointestinal tract for extended periods of time.For this battery, researchers used idea of very simple type of voltaic cell, lemon battery which produces electric current between the two electrodes stuck in a lemon due to its citric acid. To replicate it, the researchers attached zinc and copper electrodes to the surface of their ingestible sensor. The zinc emits ions into the acid in the stomach to power the voltaic circuit. It can generate enough energy to power a commercial temperature sensor and a 900-megahertz transmitter to wirelessly transmit the data to a base station located 2m away, with a signal sent every 12 seconds.

Union Cabinet approves Pradhan Mantri Gramin Digital Saksharta Abhiyan for rural digital literacy

The Union Cabinet chaired by the Prime Minister Narendra Modi has approved ‘Pradhan Mantri Gramin Digital Saksharta Abhiyan’ (PMGDISHA) to make 6 crore rural households digitally literate by March 2019. PMGDISHA is expected to be one of the largest digital literacy programmes in the world. This approval comes in line with the announcement made by Union Finance Minister in the Union Budget 2016-17.Under the scheme, 25 lakh candidates will be trained in the FY 2016-17; 275 lakh in 2017-18; and 300 lakh in 2018-19. The outlay for this project is Rs. 2,351.38 crore to usher in digital literacy in rural India. To ensure equitable geographical reach, each of the 250,000 Gram Panchayats across the country will be expected to register an average of 200-300 candidates.

RBI keeps key rates unchanged in 6th bi-monthly monetary policy review

The Monetary Policy Committee (MPC) of the Reserve Bank of India (RBI) headed by RBI Governor Urjit Patel has kept the key policy rates unchanged. It was central bank’s sixth bi-monthly and last policy for the financial year 2016-17 and overall the third by the MPC. All six members of the MPC voted in favour of holding rates. Besides, RBI also changed its stance from accommodative to neutral. It also lowered GDP growth forecast for the current fiscal to 6.9%. However the apex bank expects a rebound in GDP growth to 7.4% in 2017-18.

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करेंट अफेयर्स :- 08-February-2017
जोवेनल मोइस ने हैती के राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली:

जोवेनल मोइस ने हैती के नए राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली है, इस प्रकार लंबे समय से चल राजनीतिक संकट के बाद देश के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। 48 वर्षीय केला निर्यातक, जो कभी किसी राजनीतिक पद से जुड़े नहीं रहे ने राजधानी पोर्ट-ओ-प्रिंस में आयोजित एक समारोह में 07 फरवरी 2017 को पद की शपथ ली।

केंद्र ने किसानों की आय मार्च 2022 तक दोगुनी करने के लिए समिति बनायी:

कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला ने बताया कि केंद्र सरकार ने मार्च 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए एक समिति गठित की है। यह समिति कृषि, सहकारिता और किसान कल्याण विभाग के अंतर्गत गठित की गयी है तथा इस समिति की अध्यक्षता इस विभाग के एडिशनल सेक्रेटरी करेंगे। समिति का मुख्य कार्य किसानों और खेतिहर मजदूरों की वर्तमान आय के स्तर का अध्ययन करके वर्तमान आय की ऐतिहासिक विकास को मापने के लिए किया जाएगा। यह कार्यान्वयन की समीक्षा और निगरानी के लिए एक संस्थागत तंत्र की सिफारिश करेगी जोकि लक्ष्य का एहसास करने और किसी भी अन्य संबंधित मुद्दों की जांच करने के लिए उपलब्ध होगी।

कर विभाग ने करदाताओं के साथ 4 अग्रिम मूल्य निर्धारण समझौते किए:

कर विभाग ने करदाताओं के साथ चार अग्रिम मूल्य निर्धारण समझौतों (एपीए) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसका मकसद ट्रांसफर प्राइसिंग मामले में सुनिश्चितता रखते हुए विवादों को कम करना है। विनिर्माण, वित्त और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्रों से संबंधित एकतरफा एपीए पर 07 फरवरी 2017 को हस्ताक्षर किए गए। इन समझौतों में जो अंतरराष्ट्रीय लेन-देन आते हैं, उसमें अनुबंध पर विनिर्माण, आईटी-युक्त सेवाएं तथा साफ्टवेयर विकास सेवाएं शामिल हैं। इसके साथ केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) अब तक कुल मिलाकर 130 एपीए पर हस्ताक्षर कर चुका है। इसमें आठ द्विपक्षीय तथा 122 एकतरफा है। चालू वित्त वर्ष में कुल 66 एपीए (पांच द्विपक्षीय और 61 एकतरफा) पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं। योजना का मकसद ट्रांसफर प्राइसिंग मामले में करदाताओं को निश्चितता उपलब्ध कराना है। एपीए योजना का शुभारंभ वर्ष 2012 में आयकर अधिनियम के अंतर्गत हुआ था। इसी तरह  वर्ष 2014 में ‘रोलबैक’ प्रावधानों की शुरुआत हुई थी। इस योजना का उद्देश्‍य मूल्‍य निर्धारण के तौर-तरीकों को निर्दिष्ट करने के साथ-साथ अंतर्राष्‍ट्रीय सौदों के मूल्‍यों के अग्रिम निर्धारण के जरिये ट्रांसफर प्राइसिंग के क्षेत्र में करदाताओं को निश्चितता प्रदान करना है। एपीए योजना की शुरुआत से ही करदाता इसमें काफी दिलचस्‍पी दिखा रहे हैं और इसके परिणामस्‍वरूप तकरीबन पांच वर्षों में अब तक 700 से भी ज्‍यादा आवेदन (एकपक्षीय एवं द्विपक्षीय दोनों ही) पेश किये जा चुके हैं।

भारत परमाणु आतंकवाद के खिलाफ सम्मेलन की मेजबानी करेगा:

विनाशकारी परमाणु हथियारों और उससे जुड़ी सामग्री आतंकवादियों की पहुंच में होने की आशंका केवल सैद्धांतिक खतरा नहीं रही है। भारत इसे देखते हुए परमाणु सुरक्षा पर अगले हफ्ते एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी करेगा। इसमें सौ से अधिक देशों के शामिल होने की संभावना है। यह सम्मेलन भारत के लिए एक बार फिर 48 सदस्यीय परमाणु आपूर्ति समूह (एनएसजी) में बतौर सदस्य शामिल होने के ठोस प्रयास का जरिया बन सकता है। विदेश मंत्रालय के अनुसार 8 फरवरी से 10 फरवरी तक चलने वाले इस तीन दिवसीय सम्मेलन में परमाणु आतंकवाद के खतरे से निपटने के उपायों पर गहन मंथन होगा। विदेश मंत्रालय यह सम्मेलन परमाणु ऊर्जा विभाग के साथ मिलकर आयोजित करेगा। परमाणु आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक पहल (जीआइसीएनटी) के इस कार्यक्रम में प्रतिनिधि देशों के 150 प्रतिनिधि होंगे। मंत्रालय के अनुसार इस सम्मेलन का आयोजन पिछले साल अमेरिका में हुआ था। तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सम्मेलन की मेजबानी का ऐलान किया था। जीआइसीएनटी रूस और अमेरिका द्वारा संयुक्त रूप से 2006 में शुरू किया गया था। पिछले 10 वर्षों में, इसमें 86 साथी देश और पांच सरकारी पर्यवेक्षक संगठन शामिल हो गए हैं।

हरियाणा सरकार ने महिलाओं की डिलीवरी से पहले थैलेसीमिया की जांच करने के निर्देश दिए:

गर्भवती महिलाओं और बच्चे की सुरक्षा के लिए हरियाणा सरकार ने सभी अस्पताल प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि अब अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं का डिलीवरी से पहले थैलेसीमिया का टेस्ट अनिवार्य कर दिया गया है। ताकि थैलेसीमिया से पीड़ित महिला के बच्चे को इससे बचाया जा सके। विभाग इसके लिए लैब टैक्निशियन को एक दिन की ट्रेनिंग भी देगा। यह योजना इसी माह से शुरू होगी। अब एड्स के बाद थैलेसीमिया जैसी गंभीर बीमारी के प्रति भी स्वास्थ्य विभाग सजग दिख रहा है। गर्भवती महिलाओं के एड्स टेस्ट के बाद अब डिलीवरी से पहले थेलीसिमिया की जांच भी होगी। स्वास्थ्य विभाग ने इसका नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार थैलेसीमिया से पीड़ित माता-पिता से यह बीमारी नवजात में भी सकती है। इसकी आशंका बनी रह रहती है। अगर डिलीवरी से पहले की पुष्टि हो जाए तो डॉक्टर महिला के लिए खून की कोशिकाओं (बॉन मेरो) बदलने का इंतजाम जरूरी इलाज शुरू कर सकते है। ताकि बच्चे में खून की कमी ना हो। थैलेसीमिया से नवजातों को सुरक्षित रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने इसके टेस्ट की पहल की है। अब सभी अस्पताल प्रमुखों को थैलेसीमिया के टेस्ट शुरू कर इसकी जांच रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपनी है।

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